Hindi Sex Stories –

Hindi Sex Stories – हेलो मेरे हवस से भरे हुए लड़को कैसे हो तुम सब मैं रिचा आज तुम सब के पसीने और पानी छुटाने आ चुकी हूँ वैसे तो मैं Sex Story पड़ने की बहुत शौकीन हूँ.

और यही सब पड़ के मुझे अपना पहला सेक्स अनुभव हुआ कसम से मज़ा आ गया मैं जायदा लम्बी स्टोरी नहीं खीचूँगी क्युकी चूत मरवाने का मन करने लगता है तो चलो सुरु करते है .

उन दिनों की कहानी बताने जा रही हूँ जब मेरी चूत रोज़ पानी छोड़ती थी वैसे तो मैं एक मस्त चूत वाली लड़की हूँ लेकिन लड़को ने चोद चोद कर मेरी चूत का भोसड़ा बना दिया है.

ये कहानी सुरु होती है जब मैं 19 साल की कुमारी कली थी मेरी चूत पर छोटे छोटे बाल आ चुके थे और मैं रोज़ Hindi Sex Stories पड़ के अपनी चूत में उंगलिया कर लिया करती थी .

घर के बहार जायदा जाना नहीं होता था इसलिए किसी लड़के का लंड ले नहीं पायी लेकिन मेरी किस्मत खुलने वाली थी मेरे घर पे कुछ काम था तो पापा ने एक मजदूर लड़के को घर पे बुलाया .

वो हट्टा कट्टा लड़का 21 साल तक का होगा अभी तो मैं उसे देखना भी नहीं चाहती थी क्युकी वो एक मजदूर था तो मेरी उसके लिए कोई फीलिंग्स नहीं थी वह रोज़ घर आने लगा और अपना काम करने लगा .

पापा ऑफिस चले जाते थे और मम्मी घर के कामो में लगी रहती थी एक दिन मैं अपने फ़ोन में दोस्तों से चैट कर रही थी अचानक मेरी नज़र राजेश पर गयी वो वह मेरे घर के एक कोने में बाथरूम कर रहा था.

मेरा मन उसका लंड देखने का हुआ मैंने कोसिस की लेकिन उसने मुझे देख लिया और सरपट अपनी पैंट बंद करके काम करने लगा .

आज से मेरे मन में उसका लंड देखने की खुलभूलि मच गयी मैंने राजेश को नोटिस करने सुरु कर दिया लेकिन वो मुझसे डरता जैसा था फिर मैंने दूसरी तरकीब सोची .

एक दिन वो काम पे आया मैंने उसके लिए ही आज एकल ढीली टीशर्ट पहन ली जो झुकने पर बिलकुल साफ़ मेरे बूब के दर्शन करा देती थी .

मेरा मन था उसका लंड पकड़ कर चूस लू लेकिन घर पे मम्मी थी फिर मैं वहां से चली गयी .

अब मैं रोज़ अपने नंगे बूब्स पे एक हलकी सी टी शर्ट डाल लेती थी और रोज़ चाय देने क बहाने अपने बूब्स के दर्शन करवा देती थी ये सब देख उसका लंड कुतुबमीनार बन जाता था .

लगातार 4 पांच दिन ऐसे ही चलता रहा फिर एक दिन राजेश अपने लंड को ज़ोर ज़ोर से आगे पीछे कर रहा था मैंने इतना मस्त लंड पहली बार देखा था .

ऐसी वजह से मेरी सांसें ज़ोर ज़ोर चलने लगी यह सब देख कर राजेश ने करीबन 5 मिनट मुठ मरी और पानी निकल दिया अब मुझे पक्का हो गया था की यह मुठ मेरे नाम की थी .

अगले दिन राजेश आया और मैंने फिर वही टी शर्ट डाली थी और मैंने फिर उसको चाय बना क उसी तरह झुक के दिया फिर थोड़ी देर बाद मम्मी बोलती है की मैं बाजार जा रही हूँ आधा घंटे में आ जाउंगी.

मैं बहुत खुश हो गयी मैंने सोचा आज तो इस लंड को अपनी चूत में लेना ही है मम्मी के जाने क बाद मैंने दरवाज़ा बंद कर लिया और राजेश को अपने कमरे में आने को बोला .

राजेश मेरे कमरे में आता है और में पुरे कपडे निकल कर चादर ओढ़ कर लेट चुकी थी राजेश बोलता है मेमसाब क्या काम है मैंने बोला की की तुम मेरे पैर पे मालिश कर सकते हो.

बहुत दर्द हो रहा है मुझे उठ भी नहीं पा रही उसने बोला ठीक मेमसाब मैंने अपने आधे पैर खोल दिए राजेश मेरे गोर गोर पैर देख कर मनो पागल हो गया हो .

मैं भी बस अब लंड लेना चाहती थी क्युकी मेरे पास सिर्फ आधा घंटा था राजेश तेल लेकर मालिश करने लगा मैंने अपनी सासें तेज़ तेज़ लेना सुरु कर दिया .

वो सायद समझ चूका था इसलिए वो तेल की मालिश मेरी गांड तक करने लगा था मैंने अपनी दोनों टाँगे खोल दी अब वो बिलकुल समझ चूका था उसने मेरी चादर फेक दी मैं आखें बंद करे हुए पूरी नंगी पड़ी थी .

मेरी चूत एकदम गीली होकर धीरे-धीरे अपनी चूत से पानी छोड़ रही थी और वो जल बिन मछली की भाँति तड़प रही थी और मस्ती में कह रही थी- मेरी जान.. इसी चीज़ का तो मुझे बड़ी बेसब्री से इंतज़ार था.. इस निगोड़ी चूत ने बड़ा परेशान कर रखा था।

फिर वो धीरे से नीचे गया और उनकी चूत की पंखुड़ियों को अपने होंठों से चाटने व काटने लगा.. मैं तो पागल हो गई।

वो चूत को जीभ से चोदते हुए चाटने लगा और मैं अपनी कमर उचकाते हुए अपनी चूत को इस तरह चटवा रही थी कि जैसे मेरे मुँह में समां जाएगी।

मैं तो जैसे पागल हो रही थी.. अपनी मस्ती के नशे में चूर होकर वो मेरे बालों को नोचते हुए अपनी चूत को मेरे मुँह पर जोर-जोर से रगड़ने लगी।

हमारे पास जायदा टाइम नहीं था इसलिए उसने अपने लंड को मेरी मुनिया(चूत) के मुँह पर लगाया और एक धीरे से धक्का लगाया।

चूत इतनी गीली थी कि ‘गच्च’ की आवाज़ के साथ उसका लवड़ा मेरी की चूत की गहराइयों में उतरता चला गया।फिर धीरे से उसने अपने लंड को बाहर खींचा और वापस चूत में पेल दिया .

फिर चूत में अन्दर-बाहर.. अन्दर-बाहर.. लंड पेलने लगा और मैं भी हर धक्के का जवाब अपनी कमर को उचकाते हुए दे रही थी।वो अपने दोनों हाथों से मेरी कमर को पकड़ कर उसको चोद रहा था।

मैं मस्ती के नशे में चूर होकर कह रही थी- चोद… मेरे राजा… उम्ह्ह उम्ह्ह.. आह.. आह… हाय… चोद… मेरे राजा.. आज मेरी चूत की खुजली मिटा दे.. मेरी चूत का भोसड़ा बना दे.. बहुत परेशान कर रखा है इस निगोड़ी ने.. आज के बाद मैं सिर्फ तुमसे ही चुदवाऊँगी.. घुसा दे अपना पूरा लंड मेरे राजा.. आह.. आह .. हाय मेरी जान।

हर एक धक्के पर गीली चूत के कारण ‘फच्च.. फच्च.. फच्च..’ की आवाज़ आ रही थी, जिसकी वजह से वो भी पूरे जोश के साथ मेरी चुदाई कर रहा था।

मुझको चोदते हुए मुझे 7-8 मिनट हो गए थे। अब मुझे भी लगने लगा था कि मैं अब झड़ने वाली हूँ।

चुदाई करते हुए उसने मुझसे से कहा- मेरा पानी छूटने वाला है.. तो अन्दर ही छोड़ दूँ या बाहर…

मैं बोली- अन्दर ही छोड़ दो.. मेरे कोई बच्चा नहीं है।

फिर उसने देर न करते हुए अपने लंड को चूत से बाहर निकाला और मेरे दोनों पैरों को उठाते हुए अपने कन्धों पर रखा और वापस अपने लंड को उसकी चूत में पेल दिया और जोर-जोर से उसकी चूत चोदने लगा।

उसी समय उसका लंड भी जवाब देने वाला था तब मैंने पैरों को पूरी तरह से उठाते हुए उनके पैरों के घुटनों को उन्हीं के कन्धों से मिला दिया।

मेरे ऐसा करने से चूत थोड़ा और ऊपर की ओर उठ गई और मैं जोर-जोर से चूत को चुदवाने लगी

फिर करीब 8-10 धक्कों के बाद हम दोनों एक साथ झड़ने लगे और मेरे लंड की एक-एक बूंद उनकी चूत में उतर गई।

उस समय उसने मुझे अपने शरीर से पूरी तरह चिपका लिया।
हम दोनों के शरीर पसीने से लथ-पथ हो चुके थे।

दोस्तों उस दिन के बाद सायद वो इसलिए नहीं आया क्युकी उसको डर था की वो फास न जाये लेकिन मुझे मेरी ज़िन्दगी का पहला मज़ा उसी ने दिया .दोस्तों अगर यह कहानी पसंद आयी हो तो दोस्तों को share ज़रूर करो .

उसके बाद मैंने आस पड़ोस के सरे लड़को का लंड अपनी चूत में लिया लंड का स्वाद बदल बदल के चुदवाया . Sex Story पड़ना मुझे आज भी पसंद है उम्मीद करती हूँ आप सब मेरी कहानी पड़ के मज़े लिए होंगे .

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