Hindi Sex Stories –

Hindi sex stories – मेरा नाम है पूजा और आज मैं अपनी ज़िन्दगी की सबसे हसीन sex Story बताने जा रही हूँ और इस घटना ने मेरी जिंदगी बदल कर रख दी मैं आज भी उस पल को याद कर के बहुत रोती हूँ जब मैंने दीदी के रूम में छिपकर दीदी और जीजू को सेक्स करते हुए देखा था .

सायद आपको कुछ समझ नहीं आ रहा होगा चलो मैं आपको पूरी बात सुरु से बताती हूँ उस छोटी सी घटना बस एक छोटी सी घटना के बाद कैसे मेरी पूरी ज़िन्दगी खराब हो गयी उसकी कहानी सुनाऊंगी .

पर उससे पहले मैं आपको कुछ अपने बारे में बताये देती हूँ मेरा नाम पूजा है और उस समय मेरी उम्र सिर्फ 20 साल की थी मेरा फिगर बहुत बढ़िया था जिसपर करीबन सरे लड़के अपनी जान देते थे .

मेरी बूब्स और गांड दोनों बहार निकले हुए थे इसलिए जब भी मैं चलती थी तो मेरे बूब्स और गांड अलग ही चमकते थे उसके बाद मेरा गोरा रंग ऐसा था की मैं हाँथ लगाने से भी गन्दी हो जाती थी मैं एक छोटे से गांव में रहती हूँ .

मेरे घर में मेरे मम्मी पापा और मेरी बड़ी बहन पूनम रहती है पूनम दीदी मुझसे 4 साल बड़ी है इसलिए उनकी सदी हो गयी थी सदी के बाद मेरी दीदी मोहाली में जाके रहने लगी क्युकी मेरे जीजू मोहाली में ही जॉब करते थे .

मेरे दीदी के घर में 3 लोग रहते थे दी जीजू और उनका छोटा भाई सागर रहता था सागर मुझे बिलकुल पसंद नहीं था क्युकी वो एक नंबर का काला आदमी था उसका रंग काला था और वो बहुत नशे करता था लेकिन मुझे उसकी बॉडी बहुत पसंद आती थी .

उसकी बॉडी देख कर मुझे कुछ कुछ होने लगता था मेरा मन उसको देख कर क्या क्या करता था मैं आपको ऐसे बया नहीं कर पाऊँगी दोस्तों दिखने में वो इतना खराब भी नहीं था काला जरूर था लेकिन उसका फेस गुड लुकिंग था .

जैसे ही मैंने अपने गांव में १२वि पूरी करि तब दीदी ने मुझे कहा की अब तुम हमारे साथ रहने आ जाओ क्युकी घर पास में ही है पास में ही कॉलेज है और यहाँ आकर तुम अपनी आगे की पढ़ाई भी कर पाओगी मुझे अपनी बड़ी बहन से बहुत प्यार था .

और फिर मम्मी पापा को भी ये बहुत अच्छा लगा हुह भरोसा जो था उनको दीदी पर मैंने दीदी की बात मान ली और अपना सारा सामान लेकर दीदी के पास रहने के लिए चली गयी वहां मैं बहुत खुश थी क्युकी मुझे दीदी के साथ वाला रूम रहने के लिए मिल गया था .

फिर मैं दीदी के साथ बहुत बातें करती थी लेकिन एक बात नोटिस करि की जब दीदी की सादी हुई तब उसके बूब्स थे 32 और गांड थी 34 लेकिन आज की डेट में दीदी के बूब्स थे 36 और गांड 40 की हो गयी थी मैंने दीदी से इसका कारन पूछा लेकिन उन्होंने कहा की एक बार तेरी सादी हो जाये फिर तेरा भी यही हाल होगा .

उस टाइम मुझे वो बात कुछ समझ नहीं आयी दीदी के घर जीजू का भाई सागर रहता था वो भी कालेज में स्टडी करता था लेकिन वो हर रात कुछ २ बजे तक ही आता था दी और जीजू उससे कुछ नहीं कहते थे .

वो आते ही अपने रूम में जेक सो जाता था मुझे दीदी के घर आये हुए 3 दिन ही हुए थे लेकिन इन 3 दिनों में मैने दीदी के घर का सारा माहोल जान लिया था जिजु एक नंबर के ठरकी इंसान थे हर टाइम उनके माइंड पे Chudai का भूत सवार रहता था .

हर रात को मुझे दी कके रूम से दी के चिल्लाने की आवाज़ आती थी जीजू दी को बहुत जायदा चोदते थे दीदी की आवाज़े सुनकर मेरे अंदर पता नहीं क्या होने लगता था मन करता था की जाकर दोनों की चुदाई देखु लेकिन ये गलत था मैंने पहले कभी ऐसा काम नहीं किया था .

एक रात की बात है और ये रात एक ऐसी रात थी जिस रात को मेरी ज़िन्दगी पूरी तरह से बदलने वाली थी मैं अपने रूम में सो रही थी करीब रत के २ बजे मुझे पानी की प्यास लगी मैं उठ कर पानी पीने गयी पर पानी था ही नहीं पानी लेने के लिए मैं किचन में चली गयी वहां से जब मैं पानी पीकर वापस आ रही थी .

दोस्तों मुझे वैसे भी Hindi sex Story , Chudai ki kahani पढ़ने की बहुत चुल्ल लगी रहती थी तो आज मैंने सोचा की जो पड़ती हूँ वही देख लूँ .

तभी मुझे दी के रूम से आअह ऊह आह उह्ह उम्म वाली मस्त आवाज़े सुनाई देने लगी मैं समझ गयी की अंदर जीजू दीदी को चोद रहे है मैं उनके रूम के आगे से निकल रही थी उस टाइम मेरे माइंड में न जाने क्या आया मैंने दूर को हल्का सा धक्का दिया और दूर खुल गया दीदी सायद आज दरवाज़ा बंद करना भूल गयी थी .

जब मैंने अंदर का माहोल देखा तो मेरे रोम रोम खड़ा हो गया अंदर दीदी और जीजू पुरे नंगे थे और वो दीदी के ऊपर थे दीदी की दोनों टंगे खुली हुई थी उनकी चूत में जीजू का लंड बहुत आराम से अंदर बहार हो रहा था .

मैं ये सब देख कर बड़े आराम से मज़े ले रही थी तभी मुझ पर किसी ने टच किया मैं वो टच महसूस करके बड़ा डर गयी थी मैंने पीछे देखा तो वो सागर था सागर को देखते हुए मेरी गांड फट गयी फिर सागर ने मुझे प्यारी सी स्माइल दी और मुझे बालो से पकड़ा और मुझे खींचते हुए बैडरूम में ले गया .

बैडरूम में लेजाते ही उसने मुझे बेड पे पटक दिया और बोला साली तू क्या देख रही थी मैं डरते हुए बोली कुछ नहीं मैं तो ऐसे ही मज़े ले रही थी सागर ने मुझसे कहा साली सेक्स का मज़ा तो मैं तुझे अब दूंगा क्युकी उसका मज़ा देखने से नहीं करने से आता है .

इतना कहते हुए वो मुझपर चढ़ गया और मुझे चूमने चाटने लगा मैं उससे दूर भागने की कोसिस करने लगी पर उसकी पकड इतनी मजबूत थी की मैं उससे बच नहीं सकती थी अब वो मेरे मम्मों को दबाना शुरू कर दिया.

मैं गर्मागर्म सिसकारियां लेने लगी. अपने होंठों गर्दन को चूमते हुए मेरे मम्मों की तरफ बढ़ने लगा. मेरी शर्ट के कुछ बटन खोलने के बाद उसने मेरे नंगे चूचे को हाथ से सहलाना शुरू कर दिया. मेरे मम्मे बिल्कुल रुई की तरह मुलायम थे, बिल्कुल गुलगुले. फिर उसने एकदम झटके से अपना मुँह मेरे निप्पल पर लगाया और एक मम्मे को अपने मुँह में पूरा भर लिया.

मैं तेज सिसकारी लेने लगी.
अब उसने मेरे पूरे मम्मे को मसलते हुए मुँह से तेज तेज चूसना शुरू किया उसने मेरे अधिकांश दूध को अपने मुँह में भर लिया था. साथ ही दूसरे चूचे को हाथ से मसल रहा था.

उसने अपनी पैंट का ज़िप खोलकर अपना लंड बाहर निकाला. उसका लंड करीब 7 इंच लम्बा और 3 इंच मोटा है. उसने अपना लैंड मेरे हांथो में दे दिया
मैं बोली- बाप रे इतना बड़ा और गर्म है तुम्हारा ये …
सागर ने कहा- इसका कोई नाम भी होता है साली .

अब मैं जोश में होने के कारण उसके लंड को तेज-तेज ऊपर नीचे करने लगी. मुझे बहुत मजा आ रहा था. तभी उसकेक मेरी जीन्स के बटन को खोला और मेरी पैंट कमर से थोड़ा नीचे कर दिया. अब उसका हाथ पेंटी के अन्दर चला गया.

उसके मेरी नंगी चुत पे जैसे ही हाथ लगाया, मैं बिल्कुल पगला सी गई. उसने मुझे कसके पकड़ लिया.वो मेरी चुत को सहलाने लगा.उसका मन मेरी चुत को चूसने का था वो मेरी चूत नहीं चूस सका. उसने हाथों की रगड़ से कुछ ही देर में वो झड़ने लगी., उसकी जांघ मेरी जांघ से मिली हुई थी.

उसने पीछे से मेरी गर्दन पे अपने होंठ रखे और उसे चूमना शुरू कर दिया.वो मेरी गांड को लंड से रगड़ रहा था और अपने हाथों से उसके पेट तथा कमर को सहला रहा था. सागर गांड को अपने बड़े लंड से रगड़ रहा था तथा मम्मों को हाथों से तेज-तेज दबाए जा रहा था.


अब उसने मेरी शर्ट को निकाल दिया और अपनी टी-शर्ट को भी हटा दिया मैं छाती और बांहों के पहलवानी कटावों को बड़े ध्यान से देख रही थी मैं अब केवल पैंटी में थी. पैंटी में बिल्कुल अप्सरा लग रही थी.

उसने मुझे अपनी गोद में उठाकर चूमते हुए बिस्तर पे ले आया और पेट के बल लिटा दिया.सागर मेरी नंगी जांघ पे चूमना शुरू कर दिया. और मरमरी जांघ चूमते हुए जैसे ही उसके गांड तक पहुंचा,वो बोले जा रहा था की क्या मस्त खुशबू आ रही है तेरी चूत से साली .

आज इसको चोदे बिना मैं नहीं मानुगा वह मेरी गांड को जीभ से चाटते हुए मुझे पीठ के बल कर दिया और अब मेरी नंगी फूली हुई चुत को हाथ से सहलाने लगा. मेरी चुत से लगातार पानी बह रहा था.वो चुत के दाने को अपनी जीभ की नोक से टुनयाते हुए रगड़ने लगा.

मेरे दोनों पैर सागर के कंधे पे थे. और वो चुत में अपनी जीभ डालकर जीभ से चोदने लगा मैं .सर को अपनी चुत पे तेजी से दबा रही थी. मेरी जीभ से चोदने के कारण वो आह-आह कर रही थी. थोड़ी देर तक ऐसे करने के बाद मैं बोली- सागर अब मुझसे बर्दाश्त नहीं हो रहा है … प्लीज़ मुझे चोद दो.


उसने अपना लंड उसके हाथ में दिया.
मैं बोली- सागर मैं मर जाऊँगी क्योंकि तुम्हारा लंड बहुत बड़ा और मोटा है.
उसने मुझे समझाया- अरे कुछ नहीं होगा, तुम बहुत मजे करोगी
फिर उसने लंड को चूसने के लिए कहा,मैं थोड़ा ना-नुकर करने के बाद लंड चूसने लगी. थोड़ी देर में उसे भी लंड चूसने में मजा आने लगा. मुझे तो बहुत मजा आ ही रहा था.

मैं लंड के सुपारे को जीभ से चाट रही थी और जितना लंड उसके मुँह में जा सकता था, उतना अन्दर लेकर चूसे जा रही थी. फिर सागर बोलै अब बस करो बहुत हुआ मैं समझ गयी अब वो मेरी चूत छोड़ने वाला है मैं उससे बोले जा रही थी की सागर मुझे मत तड़पाओ मुझे जल्दी से चोद दो .

अब अपने लंड में वैसलीन लगा ली और थोड़ी वैसलीन चुत पे लगाकर उसके ऊपर लंड सैट कर दिया उसे मालूम था कि गुब्बारा फटेगा तो तेज आवाज होगी, इसलिए उसने मेरे होंठों को अपने होंठ में दबा लिए और चूमने लगा मेरे .

चूत की फांकें लंड लीलने को लपलपा रही थीं उसने लंड को रगड़ते हुए एक धक्का मारा. मेरे मुँह से आह निकल गई.मैं तड़फने लगी और बोली- उई माँ … मर गई … सागर बहुत दर्द हो रहा है … आह … मेरी फट जाएगी.पर वो रुका नहीं.उसने एक और तेज धक्का मारा.

अब उसका आधा लंड उसकी चुत में घुस गया था. वो तेज स्वर में चिल्लाने की कोशिश करने लगी और रोने लगी. मेरे रोने की वजह से वो कुछ देर के लिए रुक गया फिर थोड़ी देर बाद उसने फिर से अपना लैंड धीमे धीमे मेरी चूत के फैंको में डालने लगा मैं उसको चूमते हुए धीरे धीरे लंड को चुत में अन्दर बाहर करवाने लगी . इस तरह धीरे धीरे पूरा लंड चूत में अन्दर तक चला गया.


मैं मस्ती से कहने लगी- सागर , अब चोद दो मुझे. मैं चुदवाती गयी ये थी उसने मुझे पूरा पकड़ के तेज तेज धक्के मारने लगा.
मैं चिल्लाने लगी- आह-आह … आह बस ऐसे ही और तेज सागर …
वो लंड को तेज-तेज चुत में अन्दर-बाहर करने लगा. पूरे कमरे में फच-फच की आवाज़ गूँज रही थी

.थोड़ी देर ऐसे चोदने के बाद उसने मुझे अपने ऊपर ले लिया और मेरे मम्मों को अपनी छाती में लगाकर गालों को चूमते हुए नीचे से तेज तेज धक्के देने लगा हम दोनों के मुँह से आह-आह निकल रही थी करीब ऐसे ही 10 मिनट तक घमासान चुदाई के बाद मेरा शरीर अकड़ने लगा, वो समझ गया कि अब मैं झड़ेगी. उसने लंड की स्पीड को बढ़ा लिया.


लगभग 15-20 धक्के के बाद मैं झड़ गयी और आहें भरने लगी. चुत से बहुत गर्म पानी निकाला, जिससे सागर का लंड भीग गया वो भी 2 मिनट चोदने के बाद झड़ने वाला था,उसने कहा- अन्दर ही निकाल देता हूँ.
मैं बोली- नहीं बाहर निकालो.

उसने झट से लंड बाहर निकाल कर मेरी पीठ पर आह आह करते हुए लंड हिलाने लगा. लंड से एक बहुत तेज पिचकारी निकली और आह भरते हुए सागर झड़ने लगा. झड़ जाने के बाद वो मेरे उसकी बगल में लेट गया. तो ये थी मेरी पहली सेक्स दास्तान इसके बाद मैंने और सागर ने बहुत चुदाई करि और मेरी छूट का खंडाला बन चूका है .

मेरी पहली सेक्स दास्तान अगर कहानी पसंद आये तो दोस्तों तक शेयर जरूर करना .

भैया ने दबा के चोदा , चुद गयी मैं एक नौकर से , बॉडी बिल्डर बन्दे ने चूत फाड़ी .

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