Hindi Sex Stories –

हेलो मेरा नाम सोनिया है और मैं एक पंजाबन कुड़ी हूँ मेरी उम्र २५ साल है सुन्दर हूँ रंग भी गोरा है फिगर भी मस्त है लम्बे काले बाल बड़ी बड़ी आखें रसीले गुलाबी होठआज मैं आप सब को अपनी Hindi sex stories बताने जा रही हूँ .

इस Chudai ki kahani में ढेर सारी हवस और लंड को पाने की चाहत है .

और मैं किस किस पे चढ़ी हूँ और कौन कौन मुझपे चढ़ा है ये कहानी आज मैं आपको बताने वाली हूँ मेरी कहानी हो कहानी मत समझना सच्ची घटना है यू तो दोस्तों हर जवान जिस्म में काम वासना होती है और हर कोई किसी न किसी तरीके से इसे ठंढा करता है या बुझाता है .

मैं भी जब 16 साल की हुई तब जवानी संभाले नहीं संभल रही थी सुरुवात में तो हर लड़की अपनी ऊँगली से ही काम चलती है तो मैं भी ऊँगली कर कर के दिन गुजरती थी खैर मज़ा तो आता था लेकिन उतना नहीं जितना सेक्स में आता है .

मैं बहुत शर्मीली लड़की हुआ करती थी सहेलियों से चुदाई के किस्से सुन सुन कर अपनी चूत में उंगलिया किया करती थी मेरी चूत की आग 17 साल तक आते आते इतनी बढ़ चुकी थी की मैं अब अपनी चूत में लंड लेना चाहती थी .

मुझे बस अब लंड चाहिए था बस लंड और कुछ भी नहीं चाहे वो किसी का भी तो अब मैं अपनी चूत के लिए लंड की तलाश में रहने लगी मेरी जो सहेलिया थी उनके कुछ के तो BF थे .

तो वो उनके साथ मज़े करती थी कुछ तो ऐसी थी जो आपस में सेक्स किया करती थी मेरी एक सहेली नेहा थी उसका कोई बॉयफ्रेंड तो नहीं था और न ही वो लेस्बियन थी जवानी उसपे भी कहर बरपाने वाली चढ़ी थी .

वो मेरी पक्की सहेली थी लेकिन वो मुझसे हर बात शेयर नहीं करती थी मुझे उसपे शक था की वो कही न कही तो जवानी के मज़े ले रही है क्युकी दिन पे दिन उसका हुस्न निखरता जा रहा था और ये तबतक मुमकिन नहीं जब तक कोई लड़की सेक्स का मज़ा न उठाय .

और मैंने उससे एक बार पूछा भी की क्या तू सेक्स करती है लंड का मज़ा लेती है पर उसने झूट बोला वो बोली नहीं ये कमाल तो HOT SEX STORY पढ़ने का है .

क्या बताऊ मेरे दोस्तों मेरे बहुत पूछने पर भी वो कुछ न बताती एक दिन मैंने उससे कहा की यार मैं ऊँगली कर कर के बहुत ऊब चुकी हूँ मुझे अब लंड चाहिए मेरी उम्र की सारी लड़किया लंड के मज़े ले चुकी थी और ले भी रही थी .

और एक मैं थी जो ऊँगली पे ऊँगली और सिर्फ ऊँगली कर कर के खुश रहती थी मैंने नेहा से कहा की अगर मुझे जल्दी लंड न मिला तो मैं मर जाउंगी और लंड लेने की चाहत में मैं घर से भाग जाना चाहती थी .

और मैं तो कुत्ते से भी चुदवाने को तैयार थी पर क्या करती घर में कुत्ता भी नहीं था मेरी ऐसी हालत देख सायद उसको मुझपे दया आ गयी तो उसने मुझे वो सच बताया जो सायद उसके सिवा किसी को पता भी नहीं था .

आखिर उसने बता दिया की वो भी सेक्स करती है और जब मन चाहे तब करती है उसने मुझे बताया की मैं उसके राज को अगर राज रखू तो वो मुझे सब बताएगी दो चार कसमें ख कर उसने मुझे बताया की वो अपने ही घर में मज़े लेती है .

अपनी चूत चुदवाती है जब चाहे मन हो वो भी अपने भाई के साथ मैं तो सुन कर दांग रह गयी मैंने सोचा की ये तो मेरे से भी जायदा एडवांस निकली उसने मुझे बताया की वो भी लंड के लिए तड़पती थी और लंड लेने के लिए वो कुछ भी करने को तैयार थी .

ऊँगली से उसका भी गुजरा नहीं हो पा रहा था अब वो उसे भी मज़े दे रही है और खुद भी ले रही है ये सब सुन कर मुझे कुछ अजीब लगा लेकिन फिर उसने मुझे वो बताया जो अगर कोई लड़की समझ जाये तो उसकी सारी ज़िन्दगी रंगीन हो जाये .

उसने बताया की लड़की और लड़के को सेक्स तो चाहिए ही इधर उधर मुँह मरने से बढ़िया है घर पे ही जुगाड़ कर लो बदनामी से भी बच जाओगी और मज़ा भी खूब मरोगी ये सब बाते सुनकर ,मुझे समझ तो आ गयी थी तैयार भी हो गयी थी लेकिन करती किसके साथ मेरा तो कोई भाई भी नहीं था .

मैंने नेहा से उसका भाई शेयर करने को कहा लेकिन उसने साफ़ मना कर दिया उसने कहा की अगर उसके भाई को ये पता चल गया की इस सब के बारे में किसी तीसरे को भी पता है तो वो उसे मार डालेगा .

खैर मैं क्या करती मुझे लंड की तलाश तो करनी ही थी तो चलो आप सब को बताती हूँ की कैसे मैंने खुद के लिए लंड की तलाश की मेरी एक मौसी है उनके दो बच्चे है एक लड़का और एक लड़की लड़का मुझसे एक साल बड़ा है और लड़की मेरी उम्र की है मैं हर साल दिल्ली जाती थी उनके घर .

लेकिन इस साल मैंने उसे अपना टारगेट बनाने को सोचा मैं अब 18 साल की हो चुकी थी और पहले से जायदा जवान हो चुकी थी और बन टन के भी रहती थी और राहु भी क्यों न मुझे लंड जो मिलने वाला था .

मैं और मेरी बड़ी बहन दोनों छुट्टियों में दिल्ली गए मौसा जी घर से बहार थे और घर पे मौसी और उनके बच्चे ही होते थे बेटे का नाम राज और बेटी का नाम कोमल था घर पहुंचते ही मैं सबके गले मिली .

और राज भैया के तो खूब चिपक के मिली वैसे भी वो मुझसे बहुत प्यार करता था एक दिन जब सब बहार गए थे मौसी भी घर पे नहीं थी और उनके बच्चे भी घर पे नहीं थे घर पे सिर्फ मैं और राज भैया थे .

मैं राज भैया के कमरे में घुस गयी और देखा की वो पड़े कर रहे थे मैंने अपने गीले बाल उनकी किताबो पे मारे और हम दोनों कमरे में खेलने लगे वो भी मज़े लेने लगे उन्होंने मुझे पीछे से पकड़ा और मेरा सूट निकल के मुझे पूरा नंगा कर के बिस्तर पे धकेल दिया मैं तो जी उठी .

और लम्बी लम्बी सासें लेने लगी आह-आह … आह …आह-आह … आह …
आह-आह … आह …आह-आह … आह …और वो मेरी जंघे चाटने चूमने लगे ये सब अचानक हो रहा था लेकिन मुझे घंटा फरक नहीं पड़ रहा था मेरे तो मन की मुराद पूरी हो गयी थी .

अब उसका हाथ पेंटी के अन्दर चला गया. उसके मेरी नंगी चुत पे जैसे ही हाथ लगाया, मैं बिल्कुल पगला सी गई. उसने मुझे कसके पकड़ लिया.वो मेरी चुत को सहलाने लगा.उसका मन मेरी चुत को चूसने का था वो मेरी चूत को चूसने लगा और मैं और तेज़ी से आहें भरने लगी आह …आह-आह … आह … आह-आह … आह …आह-आह …

आह और तेज़ मेरी जान चूस चूस कर निकल दो पानी और डाल दो लंड और फाड़ दो इस भूखी चूत को भैया फाड़ फाड़ दो बस यही रटे जा रही थी .

उसने होंठो की रगड़ से कुछ ही देर में मैं झड़ने लगी., उसकी जांघ मेरी जांघ से मिली हुई थी.उसने पीछे से मेरी गर्दन पे अपने होंठ रखे और उसे चूमना शुरू कर दिया.वो मेरी गांड को लंड से रगड़ रहा था और अपने हाथों से उसके पेट तथा कमर को सहला रहा था.

भैया गांड को अपने बड़े लंड से रगड़ रहे थे मम्मों को हाथों से तेज-तेज दबाए जा रहे थे . मैं बस यही बड़बड़ये जा रही थी चोद दो मुझे मेरे भाई बन जा बहन चोद चोद दे अपनी इस बहन की चूत को बहुत दिनों से लंड की तलाश कर रही है तेरी बहन .

अब वह मेरी गांड तक पहुंचा,वो बोले जा रहा था की क्या मस्त खुशबू आ रही है तेरी चूत से साली आज इसको चोदे बिना मैं नहीं मानुगा आज मैं बहन चोद बने बिना नहीं मानुगा मुझे समझ आ गया था की तू लंड की भूखी है साली .

राज ये सब बड़बड़ये जा रहा था वह मेरी गांड को जीभ से चाटते हुए मुझे पीठ के बल कर दिया और अब मेरी नंगी फूली हुई चुत को हाथ से सहलाने लगा. मेरी चुत से लगातार पानी बह रहा था.

वो चूत के दाने को अपनी जीभ की नोक से टुनयाते हुए रगड़ने लगा. मेरे दोनों पैर सागर के कंधे पे थे. और वो चुत में अपनी जीभ डालकर जीभ से चोदने लगा मैं .सर को अपनी चुत पे तेजी से दबा रही थी. मेरी जीभ से चोदने के कारण वो आह-आह कर रही थी.

थोड़ी देर तक ऐसे करने के बाद मैं बोली- भैया अब मुझसे बर्दाश्त नहीं हो रहा है … प्लीज़ मुझे चोद दो.उसने अपना लंड उसके हाथ में दिया.
मैं बोली- भैया मैं मर जाऊँगी क्योंकि तुम्हारा लंड बहुत बड़ा और मोटा है.
उसने मुझे समझाया- अरे कुछ नहीं होगा, तुम बहुत मजे करोगी .


मैं तो लंड की भूखी थी फिर मोटा हो या लोहे जैसा लेना तो था ही मैंने कहा जो भी हो डाल दो भाई अब रहा नहीं जाता बहुत इंतज़ार किया है इस लंड का उसने थोड़ी वैसलीन चुत पे लगाकर उसके ऊपर लंड सैट कर दिया उसे मालूम था कि गुब्बारा फटेगा तो तेज आवाज होगी .

इसलिए उसने मेरे होंठों को अपने होंठ में दबा लिए और चूमने लगा मेरे .चूत की फांकें लंड लीलने को ख़ुशी दिख रही थीं उसने लंड को रगड़ते हुए एक धक्का मारा. मेरे मुँह से आह निकल गई.मैं तड़फने लगी और बोली- उई माँ … मर गई … सागर बहुत दर्द हो रहा है … आह …


मेरे चिल्लाने की वजह से भैया कुछ देर रुक गए और मुझे किश करने लगे मेरे बूब्स चूमने लगे और थोड़ी देर बाद एक ज़ोर का धक्का दिया और पूरा लंड मेरी चूत में समा गया सुपाक वो लंड को तेज-तेज चुत में अन्दर-बाहर करने लगा.

पूरे कमरे में फच-फच की आवाज़ गूँज रही थी .थोड़ी देर ऐसे चोदने के बाद उसने मुझे अपने ऊपर ले लिया और मेरे मम्मों को अपनी छाती में लगाकर गालों को चूमते हुए नीचे से तेज तेज धक्के देने लगा हम दोनों के मुँह से आह-आह निकल रही थी करीब ऐसे ही 10 मिनट तक घमासान चुदाई के बाद मेरा शरीर अकड़ने लगा,

वो समझ गया कि अब मैं झड़ेगी. उसने लंड की स्पीड को बढ़ा लिया.
लगभग 15-20 धक्के के बाद मैं झड़ गयी और आहें भरने लगी. चुत से बहुत गर्म पानी निकाला, जिससे सागर का लंड भीग गया .

वो भी 2 मिनट चोदने के बाद झड़ने वाला था,उसने कहा- अन्दर ही निकाल देता हूँ. मैंने कहा निकाल दो मुझे पूरा सुख चाहिए भैया ने अपने माल से मेरी चूत भर दी मेरी चूत को एक अजीब ख़ुशी मिली और हम दोनों नंगे चिपके हुए पड़े रहे .

फिर उन्ही छुट्टियों के दिनों में मैंने काम से काम 50 बार अपनी चूत भैया से मरवाई और आज भी जब ,मौका मिलता है हम दोनों सेक्स कर लेते है दोस्तों स्टोरी पसंद आयी हो तो यह SEX STORY दोस्तों तक शेयर करे कम्मेंट करके बताये की कितना मज़ा आया धेन्यवद .

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