Xxx Story –

हेलो दोस्तों और मेरी प्यारी चूत वाली लड़कियों आज की Xxx Story में मैं आप लोगो को बताऊंगा की कैसे मैंने एक मस्त माल की चूत मरी और उसकी गांड में लंड का पानी भरा वैसे कहानी तो मेरी जॉब से सुरु होती है .


मैं एक कुंवारा लड़का हूँ और मेरी फैमली में माँ पा और मेरी एक बहन भी है वैसे तो मैं अभी तक जॉब की तलाश में था लेकिन कुछ जगह अप्लाई करने के बाद जॉब के कुछ जवाब आये .

अब घर पर सभी खुश थे की लड़के को जॉब करने के जवाब आये है लेकिन उन लोगो को ये कहाँ पता था की लड़का इंटरव्यू लेने वाली की चूत पर हमला करेगा .


बात सर्दियों के दिनों की हैं !मैं गुडगाँव की एक बहु-राष्ट्रीय कम्पनी
में साक्षात्कार देने के लिए गया था।साक्षात्कार के समय पर मेरी मुलाकात
जन सम्पर्क अधिकारी स्वाति से हुई।

उसकी शोर्ट स्कर्ट देख कर ही मेरा
लण्ड खड़ा हो रहा था ! मैं पागलों की तरह बस उसकी चूचे और गांड को देख रहा
था। उसकी गांड और चूचों को देख कर मेरा लण्ड एकदम तन गया था।

इतना तो मेरा लंड Sexy Story पढ़ के नहीं खड़ा होता था .

मैंने टांग
के ऊपर टांग रख कर उसे दबाने की कोशिश की पर लण्ड बैठने का नाम नहीं ले
रहा था। तभी मेरा नाम बोला गया। मैंने सामान्य होने की कोशिश करते हुए
अंदर प्रवेश किया पर मेरा खड़ा हुआ लण्ड साफ़ दिखाई दे रहा था .

और स्वाति
की निगाह अब मेरे लण्ड पर लग चुकी थी।
गुड मॉर्निन्ग मैडम कह कर मैं लण्ड को छुपाते हुए कुर्सी पर बैठ गया।

मैं
स्वाति से निगाह नहीं मिला पा रहा था। निगाह ना मिलाने का एक कारण उसकी
चूचियाँ थी जिसकी वज़ह से मेरा लण्ड बैठने का नाम नहीं ले रहा था।


पर स्वाति शायद लण्ड की प्यासी थी, उसने मुझसे कहा- आप को बैठने के लिए
किसने बोला था?
मैंने कहा- माफ़ करें मैडम ! मैं मजबूर हूँ !


उसने मुझे खड़े होने के लिए कहा और खुद भी अपनी सीट से खड़ी हो गई। लेकिन
मैं खड़ा नहीं हुआ। अब वह खड़ी होकर मेरे लण्ड को निहाररही थी। ऐसा लग रहा
था कि वो लण्ड से खेलना चाहती थी।

मैंने हाथ से लण्ड को नीचे कर दोनों
टांगों के बीच में लण्ड को दबा लिया। अब मैं अपने आप को सुरक्षित महसूस कर
रहा था और उसी दशा में मैं सीधा खड़ा भी हो गया। उसने मेरा नाम पूछा और
कहा- तुम क्या छिपाने की कोशिश कर रहे हो .


भगवान ने इसे छुपाने के लिए नहीं बनाया है।
मैं उसकी बात सुनकर सकपका गया और मेरा चेहरा शर्म से लाल हो गया, मैंने
कहा- कुछ नहीं मैडम !


उसके बाद मैं सामान्य हो गया पर स्वाति के मन में कुछ और था और वहखुल कर
बोलने लगी- तुम लण्ड क्यों छुपा रहे हो?
मैं ऐसा सुन कर मन ही मन में सोचने लगा- आज तो भगवान मुझ पर मेहरबान हैं !

ये बात सुनकर मेरा दिल गार्डन गार्डन करने लगा मैंने सोचा बेटा आज तेरा Xxx Story पड़ना सफल रहा .


मैंने कहा- मैडम, आपकी चूची और गांड को देखकर मेरा लण्ड खड़ा होगया है और
अब यह बैठने का नाम नहीं ले रहा है ! और आप इन्टरव्यू लेने की बजाए मुझे
छेड़ रही हैं !

बस इसी वज़ह से मैं ना तो आपसे निगाह मिला पा रहा हूँ और
लण्ड को छुपा रहा हूँ। असल में मैंने आपको जब टेस्ट के समय देखा था तभी
से भगवान से प्रार्थना कर रहा था कि आपकी चूत मारने का मौका दिलवा दे !


स्वाति ने कहा- मुझे तुम्हारी निडरता अच्छी लगी।
तब मैंने कहा- और मेरा लण्ड
उसने कहा- तुम उतने शरीफ नहीं हो जैसा मैं सोच रही थी।

तुम काफ़ी शरारती
हो ! तुम इस नौकरी के लिय चुन लिए गए हो ! आज शाम 11 बजे मुझे इस पते पर
मिलो !
मैं फूला नहीं समा रहा था और मुझे वो कहावत याद आ रही थी- जब भगवान देता
है तो छप्पर फ़ाड़ करदेता है !

मैंने घर जाकर सबसे पहले अपनी झाट वॉट साफ़ किया और Sex Story जैसे चिकने लड़को की तरह अपना लंड तैयार किया .


मैंने धन्यवाद मैडम ! कह कर स्वाति से हाथ मिलाने के बहाने उसकी चूची पर
चुटकी भर दी और वह चहुंक उठी। वो कौन सी पीछे रहने वाली थी, उसने आगे
बढ़कर सीधा लण्ड को पकड़ कर सहला दिया।

मैं सावधानी बरतते हुए जल्दी से
वहाँ से निकल लिया और बस रात का इंतज़ार करने लगा।
आखिर रात भी आ गई और मैं उसके बताये स्थान पर पहुँच गया। उसने नाईटी पहन
रखी थी और वह घर पर अकेली थी।

वो अपनी सहेली के साथ कमरे में रहती थी।
उसकी सहेली बाहर पार्टी में गई थी। उसकी नाईटी में से सब कुछ साफ़ साफ़
दिख रहा था।

दरवाजे पर ही उसने मुझे चूमना शुरू कर दिया। मैंने भी उसका
पूरा साथ दिया और जम कर उसके होंठों को चूसा और एक हाथ से दरवाजा बंद कर
दिया।


और अब धीरे-2 उसके चूचे दबाने लगा। इतनी ठण्ड होने के बावजूद हम दोनों
गरमाने लगे थे। धीरे-2 दोनों नंगे हो गए। स्वाति पहले से खेली-खाई लग रही
थी और वह सीधा लण्ड को पकड़ कर चूसने लगी।


मैं भी उसके बालों को पकड़ कर
उसके मुँह को अपने लण्ड से चोदने लगा। 30-35 झटकों के बाद मैं उसके मुँह
में झड़ गया।

मुझे अपनी किस्मत पर यकीन नहीं हो रहाथा कि सुबह मैं जिसकी
चूत मारना चाह रहा था, वो अब मेरे लण्ड को चूस रही है. थोडी देर बाद ही
मेरा लण्ड फिर से खड़ा हो गया और इस बार में उसके स्तन मुँह में लेकर चूस
रहा था .

और हाथ से उसकी चूत के दाने को रगड़ रहा था।
स्वाति एकदम गरम हो चुकी थी और कह रही थी- अब मुझसे कण्ट्रोल नहीं हो रहा
है, मेरी चूत को चोद दो ! मैंने अपना लंड उसके हाथ में दिया.

और
वो बोली- मैं मर जाऊँगी क्योंकि तुम्हारा लंड बहुत बड़ा और मोटा है.
मैंने उसे समझाया – अरे कुछ नहीं होगा, तुम बहुत मजे करोगी
फिर मैंने उससे थोड़ा और लंड को चूसने के लिए कहा .

मैं थोड़ा ना-नुकर करने के बाद लंड चूसने लगी. थोड़ी देर में उसे भी लंड चूसने में मजा आने लगा. मुझे तो बहुत मजा आ ही रहा था क्युकी ये मेरा दोबारा लंड चुसाई थी .

और मुँह चोदने का मज़ा सिर्फ एक मुँह चोदने वाला इन्सान जान सकता है . वो लंड को जीभ से चाट रही थी और जितना लंड उसके मुँह में जा सकता था, उतना अन्दर लेकर चूसे जा रही थी.

फिर वो बोली अब बस करो बहुत हुआ मैं समजह गया अब वो चूत मरवाना चाह रही है वो मुझसे बोले जा रही थी की मुझे मत तड़पाओ मुझे जल्दी से चोद दो अब मैंने अपने लंड में वैसलीन लगा ली और थोड़ी वैसलीन चुत पे लगाकर उसके ऊपर लंड सैट कर दिया .

उसे मालूम था कि गुब्बारा फटेगा तो तेज आवाज होगी, इसलिए उसने मेरे होंठों को अपने होंठ में दबा लिए और चूमने लगा चूत की फांकें लंड लीलने को लपलपा रही थीं मैंने लंड को रगड़ते हुए एक धक्का मारा .

. उसके मुँह से आह निकल गई.वो तड़फने लगी और बोली- उई माँ … मर गई … बहुत दर्द हो रहा है … आह … मेरी फट जाएगी.पर मैं रुका नहीं.उसने एक और तेज धक्का मारा. अब आधा लंड उसकी चुत में घुस गया था.

वो तेज स्वर में चिल्लाने की कोशिश करने लगी और रोने लगी. रोने की वजह से कुछ देर के लिए रुक गया फिर थोड़ी देर बाद मैंने फिर से अपना लंड धीमे धीमे मेरी चूत के फैंको में डालने लगा

मैं उसको चूमते हुए धीरे धीरे लंड को चुत में अन्दर बाहर करवाने लगी . इस तरह धीरे धीरे पूरा लंड चूत में अन्दर तक चला गया.

दोस्तों एक ट्रिक मैंने Xxx Story पढ़ के सीखी थी की अगर गांड के नीचे तकिया लगा दो तो थोड़ा लड़की को आराम मिलता है और उसकी चूत के फांके भी खुल जाते है .


मैंने उसकी गांड के नीचे तकिया लगाया, अपने लण्ड को उसकी चूत के छेद
पर लगा कर सीधा जोर लगाया .

और आधा लण्ड उसकी चूत में घुस गया। उसकी चूत
कसी थी और उस झटके से उसके मुँह से चीख निकल गई। मैंने उसके मुँह पर हाथ
रख कर उसे रोका।

थोड़ी देर में ही उसे मजा आने लगा और गांड हिला-2 कर खुद
चुदने लगी। धीरे-2 मैंने भी अपनी स्पीड बढ़ा दी। उसके मुँह से
आह ऊह्ह आः उछ स सी की आवाज़ निकलरही थी।

अब अनुभव हो रहा था कि धरती
पर कही स्वर्ग है तो चूत मारने में ही है।
करीब 25-30 झटकों में वो और मैंदोनों एक साथ झड़ गये और काफी देर तक एक
दूसरे से लिपटे रहे।

कुछ देर बाद फिर से हम दोनों एक दूसरे को वासना भरी
नजरों से देखरहे थे।
इस बार मेरी निगाह उसकी गांड पर थी पर वो इससे अनजान थी।

मैंने ढेर सारी
क्रीम लेकर उसकी मस्तानी गाँर की छेद पर मलने लगा. मुझे ऐसा करते देख, वो
चुदास भरी नजरोँ से देखते हुए पूछी- ये क्या कर रहे हो राजा? उसने कहा-
मैंने अभी तक गांड नहीं मरवाई है।


मैंने कहा- अब मरवाओ ना!
इतना कह कर मैंने लण्ड का सुपाराउसकी गांड के छेद पर लगाया और हल्का सा
धक्का लगाया। सुपारा छेद में चला गया। गांड बहुत ज्यादा तंग थी।

दर्द के
साथ-2 बहुत मजा आ रहा था। वह भी दर्द केमारे अ आ या ऊह रहने दो ! चिल्ला
रही थी।
थोड़ी देर में ही वह सामान्य हो गई और उसे भी मजा आने लगा।

अब मैंभी पूरा
लण्ड उसकी गांड में बार बार अंदर-बाहर कर रहा था। वह ज़ोर ज़ोर से चीखे जा रही थी उह फ़क फ़क फ़क चोदो मेरी गांड को आज फाड़ के रख दो इस नादान गांड को और मैं लगातार गियर बदलते जा रहा .

पुरे रूम से पच पच की आवाज़ आ रही थी और हमने बहुत मज़े किये
काफी देर तक चुदाई करने
के बाद मैं उसकी गांड में झड़ गया। इस तरह उसकी गांड और चूत की चुदाई
पूरी रात चलती रही।